इस तस्वीर का बहुत ही सुंदर भावार्थ बताया गया है …

इस तस्वीर के साथ बहुत सुंदर कथा हैं । कथा क्या है ,उसमे नही जाकर उसके कहने का क्या आशय है, वह जानने की कोशिश करते हैं ……नीचे चित्र का रहस्य बहुत ही मार्मिक एवम् गूढ है ।चित्र में हाथी रूप पूर्व जन्म के कर्म है। कुऍं में साँप भविष्य के कर्म है। पेड़ की शाखा वर्तमान जीवन है। सफ़ेद चूहा, दिन और काला चूहा, रात बनकर शाखा को काट रहे है।शाखा पर लटका शहद का छत्ता, सांसारिक मोह माया है।

इस स्थिति में भगवान हाथ बढ़ाकर मनुष्य को बचाना चाह रहे है, परंतू मनुष्य टपकते हुए शहद को चूसने में इतना मशगूल है कि आनेवाले संकट और भगवान को भी नज़रअंदाज़ कर रहा है।

तात्पर्य आज के युग में भगवान भी मनुष्य की मदद करना चाहे तो नहीं कर सकते। 

अभी भी वक्त है हम जाग जाये । हम स्वयं को पहचाने और  मनुष्य भव मे आने का क्या मक़सद है उसे समझे ।

उपरेक्त तस्वीर मेरे द्वारा रचित नही है । यह कही और से ली गई है । यह मन को इतनी छू गई कि इसे आप सबसे शेयर करने का मन हो गया ।

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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