बुढ़ापा ….

Good day to all divine souls …..

बुढापे को जीवन का अभिशाप नही बल्कि अनुभवो की कुंजी व ईश्वर का प्रसाद समझना चाहिये है इसको बेकार ना समझकर एक नयी दिशा देनी चाहिये ।  थोड़ा समय प्रभु भक्ति,सत्संग,स्वाध्याय मे बिताने से जीवन को नया आयाम ,ऊर्जा , उत्साह ,विश्वास व अद्भुत आनंद मिलेगा ।

उम्र ढलने के साथ शरीर से बुढ़ापा भलई आ जाये पर मन से ना आने दे । जैसे शादी लायक होने पर शादी की तैयारी की जाती है वैसे ही बुढ़ापा आने पर शांति की तैयारी कर लेनी चाहिये

2 Comments Add yours

  1. उच्च विचार बहुत सुंदर

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  2. Madhusudan says:

    Bilkul sahi kahaa..👌👌

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