पते की बात -जिंदगी की किताब (पन्ना # 261)

एक नगर का राजा बहुत ही उदार व दानवीर था । आये दिन कुछ ना कुछ दान करता ही रहता था । कभी कपड़े ,अनाज या स्वर्ण मुद्रायें तो कभी मकान या कृषि के लिये उपजाऊ भूमि ।

एक दिन राजा को पता नही क्या सूझा ,उसने पूरे राज्य मे घोषणा करवा दी कि कल सुबह जब उसके महल का मुख्य दरवाज़ा खोला जाएगा तब जो व्यक्ति जिस वस्तु को छू लेगा वह उसकी हो जायेगी । 

हर एक आदमी अपनी पसंद की वस्तु सोचकर उसे पाने की कल्पना करने लगा । महल के बाहर रात को ही भीड लगनी शुरू हो गई । जैसे ही सुबह राजमहल का दरवाजा खुला सभी अपनी पसंद की वस्तु को लेने के लिये दौड़ पड़े । किसी ने घोड़े तो किसी ने जेवरात ,राजसी कपड़े व बर्तन आदि को हाथ लगाया, तो किसी ने गाय , अनाज के भंडारगृह पर । बच्चे ,जवान या बूढे सभी ऐसे दौड़ लगा रहे थे कि कोई दूसरा उससे पहले उसकी मनपसंद की वस्तु ना ले ले ।

राजा अपने सिंहासन पर बैठा इस अद्भुत नज़ारे का मजा मुस्करा कर ले रहा था । 

उसी समय उस भीड़ में से एक छोटी सा बच्ची किसी भी वस्तु की तरफ ना बढ़कर वह राजा की और जाने लगी ।

राजा उस बच्ची को देखकर मुस्कुराया व सोचने लगा कि यह बच्ची तो बहुत छोटी है शायद इधर कुछ देखने के लिये आ रही है ।

वह बच्ची धीरे-धीरे चलती हुई राजा के पास पहुँची और उसने अपने हाथों से राजा को छू लिया ।  छूते ही राजा उस बच्ची का हो गया व साथ मे राजा से जुड़ी हर एक वस्तु ।

यह कहानी हम सब इंसानो की कहानी है । परमात्मा हमे हर रोज कुछ ना कुछ करने का कोई ना कोई मौका जरूर देता है चाहे वह भौतिक सुख से संबंध रखता हो या परमात्मा पाने के सुख से संबंध रखता हो । जिसमें से कुछ मौक़े का लाभ लेते है तो कुछ को ऐसे ही छोड़ देते है । जो भी मौक़े मिलते है उसमे हमारा चुनाव भौतिक वस्तुओ की प्राप्ति की और ज्यादा होता है और कोई उसे खोना भी नही चाहता ।  यहॉ तक की पूरा जीवन उसी मे चला जाता है । यही हम गलती या चूक करते हैं । 

परमात्मा को पाने के बजाए उसकी बनाई हुई हर वस्तुओं को प्राप्त करने के लिए पूरी जिन्दगी लगा देते है पर कभी इस बात का चिन्तन नहीं करते कि यदि परमात्मा को ही पाने की इच्छा रखे व परमात्मा हमारे हो गए तो उनकी बनाई हुई प्रत्येक वस्तु भी हमारी हो जाएगी…

प्रभु को चाहना

प्रभु से चाहना 

हालांकि दोनो मे एक शब्द का ही अंतर है फिर भी पूरी जिंदगी का मायना बदल देते है । 

आपकी आभारी विमला मेहता 

लिखने मे गलती हो तो क्षमायाचना 🙏🙏

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

3 Comments Add yours

  1. mann says:

    बहुत ही अच्छी बात👌👌👌

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    1. शुक्रिया !! आपको अच्छी लगी

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