परिवार – जिंदगी की किताब (पन्ना # 265)

जहाँ सूर्य की किरण हो,
वही प्रकाश होता है ।
जहॉ चॉद की चॉदनी हो 
वही शीतलता होती है ।
जहॉ समुद्र की गहराई हो 
वही गम्भीरता होती है ।
 जहाँ भगवान के दर्शन हो,
 वही भव पार होता है ।
जहाँ संतो की वाणी हो,
वही उद्धार होता है और 
  जहा प्रेम की भाषा हो,
  वही परिवार होता है।

आपकी आभारी विमला मेहता
जय सच्चिदानंद 🙏🙏

4 Comments Add yours

  1. बहुत ही खूबसूरत रचना है आपकी।

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  2. Madhusudan says:

    Bahut khub jahaan prem ki bhaasha wahin pariwaar hota hai…,👌👌👌

    Liked by 1 person

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