क्लेश – जिंदगी की किताब (पन्ना # 269)

जहॉ क्लेश नही वहॉ यथार्थ जैन, यथार्थ वैष्णव, यथार्थ शैव और अन्य …. यानि सभी धर्म है । जहॉ धर्म की यथार्थता है , वहॉ क्लेश नही होता । 

यदि घर घर क्लेश है तो धर्म कहॉ गया ? धर्म से हमने क्या सीखा ? क्या करने से परिवार मे क्लेश नही हो ,इतना भी आ जाये तो भी समझ लो हमने धर्म कर लिया ।

क्लेश रहित जीना , वही धर्म है 

जहॉ किंचितमात्र क्लेश है समझना वहॉ धर्म नही है ।

आपकी आभारी विमला मेहता 

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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