मुस्कराहट – जिंदगी की किताब (पन्ना # 276)

Good day to all divine souls …

आपकी मुस्कराहट

 आपके चेहरे पर भगवान के हस्ताक्षर है । 

उसको क्रोध करके मिटाने की या 

ऑसुओ से धोने की कोशिश ना करो ।

जीवन मे अपनी तुलना कभी भी किसी से ना करो । 

आप जैसे भी है सर्वश्रेष्ठ है 

ईश्वर की हर रचना अपने आप मे सबसे उत्तम है अद्भुत है 

आपकी आभारी विमला मेहता  

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

9 Comments Add yours

  1. Madhusudan says:

    ईश्वर की हर रचना अपने आप मे सबसे उत्तम है अद्भुत है …bilkul sahi kahaa …..bahut achchhe dang se kaha…..

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  2. बहुत ही खूबसूरत अभिव्यक्ति है कविता में। 👌👏💐

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  3. बहुत सुंदर जय सच्चिदानंद

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