नारी के नाम एक संदेश – जिंदगी की किताब (पन्ना # 312)

नारी का सम्मान करना , साक्षात महालक्ष्मी का सम्मान है ।
एक तरफ लक्ष्मीजी के फॉटो का पूजन ,दूसरी और घर की साक्षात लक्ष्मी का अपमान – ये कौनसे धर्म का अहसास है   ?

अगर हम सब साक्षात लक्ष्मी के सम्मान करने की शुरूआत करे तो 
ऊपर वाली लक्ष्मी का स्वमेवं बरसना शुरू हो जायेगा

इंसान मंदिर में तो सीताजी की मूर्ति का पूजन करता है, 
पर क्या सड़क चलती नारी में सीता को देख पाता है? 

लक्ष्मी , सरस्वती, दुर्गा , सीता की पूजा जरूर कर लो तुम 
पर उससे पहले इस धरा की नारियो में देवीय स्वरूप का दर्शन कर लेना
तभी मंदिर में की जाने वाली पूजा सही मायने मे सार्थक होगी

हर नारी को भी मन मे रखना है हरदम एक ख्याल 
वह सीता बनकर रहे, पर वक्त पड़े तो रणचंडी का भी रूप धारण कर  ले 

हम सबको आज बहिन ,बेटियों की रक्षा का दृढ़ संकल्प करना है 
एक हाथ में माला और  दूसरे हाथ में भाला रखना है
माला से ख़ुद का आत्म कल्याण करेना है और 
भाला से बेटियॉ की रक्षा करना है

इसके साथ हमे कोख में पल रही बेटियों को भी बचाने का दृढ़ संकल्प करना है ।
भ्रूण कन्याओं की हत्या केवल भ्रूण की ही नही बल्कि बहिन ,बेटी और पत्नी की हत्या करने के समान है 

ये पाप करने वाला भला सुखी कैसे रह पायेगा कभी?
जिंदगी की आकस्मिक बुरी घटनाएं इसी पाप का परिणाम है।  

इन बुरी घटनाओं को कुछ हद तक कम कर सकते है मिलकर हम सब

अगर बड़ी उम्र की कोई नारी गर्भवती हो जाये लेकिन लोक लिहाज़  के डर से भ्रूण हत्या का पाप ना करवाए

 
बल्कि खुशी खुशी उसे जन्म देकर ईश्वर की असीम कृपा का आशीर्वाद पाये ।

अगर धर्मी परिवार के लोग भी भ्रूणहत्या जैसा घिनौना पाप करने लगे तो 

उनका किया हुआ धर्म-कर्म सब बेकार है। 

मेरा इतना कहना है सब नारियों के मान सम्मान और हित के बाबत …

बेटियों के जन्म पर थाली बजाकर खुशियॉ मनाये 
मिठाई चॉकलेट को बॉटे और नाचे झूमे और गाये
बेटियाँ को अभिशाप नहीं वरन प्रभु का आशीर्वाद समझे 

घर में न केवल पुत्र के रूप में लक्ष्मण का जन्म हो 
बल्कि लक्ष्मी के रूप में कन्या का भी जन्म हो

हर भाई की एक छोटी और एक बड़ी बहिन का अवश्य संग हो 
बड़ी बहिन से वह माँ की तरह प्यार पा सके और 
छोटी बहिन पर वह अपना स्नेह लुटा सके। 

आज नारी को पूजने से ज्यादा पुरुषों के बराबर का हक देने की जरूरत ज्यादा है। 
वह देवी है या नहीं है ,पर इंसान जरूर है 
इसलिए हर नारी को भी नर जितना मान सम्मान मिलना जरूरी है 

अंत मे 

अगर लाइफ को सुखी रखना चाहते हैं तो पहले वाइफ को सुखी रखिए।

आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता 

लिखने मे गलती हो तो क्षमायाचना 🙏🙏

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

7 Comments Add yours

  1. Madhusudan says:

    वह देवी है या नहीं है ,पर इंसान जरूर है 
    इसलिए हर नारी को भी नर जितना मान सम्मान मिलना जरूरी है —-बहुत खूब कहा आपने।

    Liked by 1 person

    1. बहुत बहुत शुक्रिया

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  2. नारी पर अत्याचार करने में नारी जाती ज्यादा जिम्मेवार हैं।

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    1. नारी को भी ध्यान देने की जरूरत है

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      1. अत्याचार सहने की जगह प्रतिकार करने की ताकत अपनाने की जरूरत है।

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        1. Sahi kaha aapnay….Thanks

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