एक बेटे के मुख से # जिंदगी की किताब (पन्ना # 319)

एक स्त्री के दो बेटे थे । एक दस साल का व दूसरा आठ साल का । दोनो बहुत ही आज्ञाकारी व संस्कारित थे । एक दिन छोटा बेटा अपनी मॉ से बोलता है कि मॉ तु मेरे से इतना प्यार नही कर सकती जितना कि मै तुमसे करता हूँ । मॉ बोली कि बेटा तु ऐसा क्यों सोचता हे ? बेटा बोला कि मॉ तेरे तो दो बेटे है , मगर मेरी मॉ तो केवल एक ही है । 
A woman has two sons. One is ten years old and the other is eight years old. Both are very obedient and cultured. One day, the younger son tells his mother that she cannot love him as much as he loves her. Ma asks the son why he thinks so. He says that you have two sons, but I have only one mother. 
आपकी आभारी विमला विल्सन 

लिखने मे गलती हो तो क्षमायाचना 🙏🙏

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

चित्र इंटरनेट के सौजन्य से