हँसो और हसॉओ # जिंदगी की किताब (पन्ना # 326)

मुँह खोलकर तो सारा जग हँसता है 
लेकिन दिल खोलकर हँसो
तो दिल का दौरा नही पड़ता है 
हँसना यही भक्ति है 
हँसाना यही मुक्ति है 
मुस्कुराना यही जप है तो 
खिलखिलाना यही तप है 
जब रोते हो तो
एकदम कच्चे लगते हो 
मुस्कराते हो तो नन्हे बच्चे लगते हो 
हँसते हो तो कितने अच्छे लगते हो 
लेकिन किसी रोते हुये को हँसाते हो तो 
एकदम सच्चे लगते हो ।

आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏