यात्रा का अनुभव # जिंदगी की किताब (पन्ना # 344)

मै अपनी क्रूस यात्रा का अनुभव सबसे शेयर करना चॉहूंगी ये यात्रा एक यादगार यात्रा थी । मै अपने पति व बच्चो के साथ वेनिस से ग्रीस तक क्रूस यात्रा की थी । यह मेरी जिन्दगी की सबसे अमूल्य अद्भुत यात्रा थी ,क्योकि वह यात्रा ज्ञानी संत पुरूष के साथ थी । इस यात्रा मे अलग जगह से काफी लोग आये थे ।इसको जात्रा भी बोल सकते थे ।1500 के आसपास लोग देश विदेश से आये थे ।​ इस यात्रा मे हमने हर जगह को देखने के साथ आध्यात्मिकता का भी लाभ लिया । हर रोज क्रूस से अलग अलग जगह उतरकर देखते । क्रूस मे प्रकृति की सुंदरता को भी निहारते तो दूसरी और हर रोज सत्संग का भी आनंद लेते । पहली बार महसूस हुआ कि ज्ञानी पुरूष की छाया मे कैसा अनुभव होता और उनकी वाईब्रेशन , का कितना हमारे ऊपर प्रभाव पड़ता । इस तरह का अनुभव शब्दो से बयान नही कर सकते बल्कि अनुभव से जाना जा सकता है । मै सब को अपने अनुभव के आधार पर यही गुज़ारिश करूँगी कि दुनिया मे सब कार्यों के साथ जिन्दगी मे सच्चे ज्ञानी पुरूष के संग की ख़्वाहिश जरूर रखनी चाहिये ।

उस यात्रा के कुछ फॉटोग्राफस जो आप सबसे शेयर करना चाहूँगी ।
ये उस जगह का है जहॉ सबसे पहले ऑलम्पिक खेल की शुरूआत हुई थी 👇👇

Santorini (Greece) Venice  Santorini 👆👆यहॉ के घरो की ऐसी ख़ासियत  होती कि इनके दीवारें या छतों को बनाने के लिये पत्थर के साथ किसी भी प्रकार की सीमेन्ट या कोई भी प्रकार की वस्तु इस्तेमाल नही की जाती बल्कि पत्थरों को इस प्रकार से सेट किया जाता कि हिल भी नही सके जैसा कि सीमेंट लगाने से मजबूती आती है 👇👇  आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏