सोच # जिंदगी की किताब (पन्ना # 345)

सब कहते है कि तुम क्या लेकर आये थे और

क्या लेकर जाओगे ,

लेकिन दोस्तो ! मेरा मानना है कि यदि हमने

किसी का दिल दुखाये बिना हँसी खुशी से

पूरी जिन्दगी को जी लिया तो खाली हाथ ही

सही पर हम सब दिल मे चैन व शुकुन जरूर

भरकर ले जायेंगे ।

आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

2 Comments Add yours

  1. Madhusudan says:

    सही कहा आपने।सुकून से जाना और तड़पकर जाना अंतर तो है।।

    Liked by 1 person

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