पश्चिमी पाश्चयता # जिंदगी की किताब (पन्ना # 363)

पाश्चात्य सभ्यता की कुछ बातों का भारतीय संस्कृति पर प्रभाव …..

पाश्चात्य संस्कृति से कुछ अच्छी बातें भी सीखने को मिलती है तो कुछ बातों का भारतीय संस्कृति पर दुष्प्रभाव भी पड़ता जा रहा है ।

पश्चिमी सभ्यता में पारिवारिक जीवन,हमारे संस्कार , खानपान , पहनावा ( महिलायें , लडकियॉ )आदि में हमारे देश मे पाश्चात्य सभ्यता का तेजी से अंधांधुकरण हो रहा है । लोग उसमे अपनी शान शौक़त समझते है। मगर उन सब को यह नही मालूम कि सभ्यता की इस ट्रेन का इंजन ही खराब है जो हमारे जीवन को कितना ह्नास कर रही है ।

जहॉ व्यभिचार को भी पाप नही माना जाता सोचो वहॉ की सभ्यता कैसी होगी !

पेरिस एक बहुत सुंदर शहर माना जाता है जहॉ हर रोज कई पर्यटक आते है । वहॉ की एक जगह के बारे मे कहा जाता है कि वहॉ यदि किसी स्त्री से बाहरी पुरूष मिलने आता है तो उसके पति को उसी समय बाहर चला जाना पड़ता है ।

इसी तरह अमेरिका मे भी परिवार बनने से पहले ही टूट जाते है । 95% तलाक़ हो जाते है । वहॉ के लोग भारतीय परिवार को देखकर उनकी जिन्दगी जीने को तरसते है । मॉ बाप यदि बच्चों को कुछ भी बोल देते है तो बच्चे तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करवा देते है । बालिग़ होने के बाद बच्चे मॉ बाप से अलग रहने लग जाते है , और तो और मॉ बाप को बच्चों से मिलने के लिये पहले उनसे पूछा जाता है ।कुछ दिन पहले मै एक डॉक्टर के यहॉ गई । वहॉ एक अधेड़ उम्र का अमेरिकन बैठा था । परिवार की चर्चा चलने पर उसने भारतीय परिवार वालो का सुना तो उसकी ऑखो मे ऑसू आ गये और बोला आप बहुत क़िस्मत वाले है जो परिवार के साथ रहते है । उसने अपने बारे मे बताया कि मैने जब अपने पोते के जन्मदिन पर बेटे बहू को फोन किया और उससे मिलने की इच्छा ज़ाहिर की और बोला कि मै पोते से मिलने आ रहा हूँ तो वो लोग बोले कि आप यहॉ ना आये अभी बेटे की पार्टी चल रही है आप उसके लिये अनफिट है । आगे और बता रहे थे कि हमारे यहॉ मदर डे , फादर डे इसीलिये मनाया जाता है ताकि साल मे कम से कम एक बार बच्चे मॉ बाप तो याद करे ।आपके यहॉ तो हर दिन मदर व फ़ादर डे है ।एकांकीपन महसूस होने से वहॉ अधिकतर लोग डिप्रेशन के शिकार होते है , हर थोड़ी दूर डिप्रेशन का क्लिनिक खुला हुऑ मिलता है ,व शाम को बार पूरा भरा मिलता है ।

यदि इस स्थिती से बचना है ,तो अभी भी चेत जाओ व अपने देश की संस्कृति को धूमिल ना होने दो ।

क्या आप अब भी पाश्चात्य सभ्यता की इन बातों को अपनाना चाहेंगे ?

आपकी आभारी विमला विल्सन

लिखने में ग़लती हो तो क्षमायाचना 🙏🙏

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

7 Comments Add yours

  1. Madhusudan says:

    Daud lagi hai…modern banne ki ….shayad pahle ham aviksit they…!!!

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    1. सही कहा दौड़ लगी है मॉडर्न बनने की ,फिर भी भारतीय संस्कृति की बात ही कुछ और है उसका कोई मुक़ाबला नहीं ….बहुत बहुत शुक्रिया

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  2. हम लोग पास्चात्य संस्कृति के अंधानुकरण में विस्वास करने लगे हैं व एसा नहीं करने वाले दकियानूस समझे जाते हैं।

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    1. सही बात कही है । वाकई में ऐसा हो रहा है …… बहुत बहुत शुक्रिया

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      1. स्वागत है आपका

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