सफाई किसकी ? # जिंदगी की किताब (पन्ना # 377)

सफाई किसकी ?

हम सबका अपने शरीर की सफाई का ,वाहन की सफाई का ,घर , बंगला , आँफिस ,दुकान ,फर्नीचर , अलमारी , टेबल ….आदि सभी की सफ़ाई की और तुरंत ध्यान चला जाता है जो गलत भी नहीं है , साफ रखना वाजिब भी है । पर क्या कभी किसी और सफाई की तरफ कभी ध्यान गया है ? जो इससे भी ज्यादा जरूरी है ।

जी हॉ मेरा इशारा मन की सफाई की और है ।यदि सब कुछ साफ रखा पर मन की सफाई नहीं की , विचारो के सुधार की और तनिक भी ध्यान नही दिया तो उसमें हमारे जीवन का सुधार होगा या बिगाड़ ?

आपकी आभारी विमला विल्सन

लिखने मे ग़लती हो तो क्षमायाचना 🙏🙏

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

4 Comments Add yours

  1. Madhusudan says:

    tan ganda hai to chal jaaye
    man ganda to jag ganda hai…….bahut khub.

    Liked by 1 person

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