बाल विवाह # जिंदगी की किताब (पन्ना # 381)

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हालाँकि बाल विवाह कानूनी अपराध है पर गॉवो मे आज भी बाल विवाह की प्रथा है । जिसमें नन्हें बच्चों को पढ़ने , खेलने कूदने की उम्र मे विवाह की डोर से बॉध दिया जाता है ।

बाल विवाह करना अशक्ति का स्वागत करना है ।शादी जैसे मंगल कार्य के लिये बाजे बजवाते है ,मंगल गीत गाये जाते है , शुभाशीष दी जाती है , शुभ मुहूर्त निकाले जाते है ,लेकिन ये नही मालूम नही कि इन सब मंगल कार्यों से बाल विवाह के द्वारा होने वाला अमंगल दूर नही हो सकता । ऐसा विवाह भविष्य मे हाहाकार, त्राहि त्राहि मचाने का संकेत है ।

बाल विवाह से जीवनी शक्ति का ह्वास तो होता ही है ,उसके साथ शारारिक क्षमता मे भी न्यूनता उत्पन्न हो जाती है ।विभिन्न प्रकार की आधि व्याधियों का जन्म हो जाता है ।

अभी से सावधान हो जाइये । अपनी संतान की रक्षा करो , यही दुनिया के रक्षक बनने वाले है । इन पर दाम्पत्य का पहाड़ मत पटको , बेचारे पिस जायेंगे ।

बालक वह सुंदरतम उपहार है उसे लापरवाही से मत रौंदो ।जिस प्रकार किसी बैलगाड़ी मे दो छोटे छोटे बछड़ों को जोत दिया जाय व उस पर दस बारह स्थूलकाय आदमी को बैठा दिया जाये तो जोतने वाले को आप दयावान कहेंगे या निर्दय ?

निर्दय ही कहेंगे ना ।

तब छोटे छोटे बच्चों को गृहस्थी रूपी गाड़ी मे जोतकर उस पर संसार का बोझ लादने वाले को क्या कहेंगे ?

देश मे बाल विवाह की भयानक प्रथा मे यहॉ तक भी देखने को मिलता है कि गरीब मॉ बाप अपनी नन्ही बेटी का विवाह अधेड़ उम्र के व्यक्ति के साथ चंद रूपयो की खातिर भी करने को तैयार हो जाते है ।

जहॉ पर भी बाल विवाह की प्रथा है वहॉ कानून के साथ वहॉ के लोगों को उसके होने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराकर उसे रोकने के लिये सभी नागरिक का साथ देना जरूरी है जो सामाजिक कर्तव्य भी है

एक बहुत ही भावुक राजस्थानी गाना बालिका वधू पर गाया गया है जिसमें बालिका वधू रोते हुये अपने मॉ बापू से ऑंखो ही ऑखो मे अपने प्रश्न का जवाब मॉग रही है जो इस प्रकार है ….

छोटी सी उमर में परनाई रे बाबा साकाइ थारो करयो में कसूर

कितना दीना तो म्हाने लाड लड़ाया

अब क्यो करो थे म्हाने दूर

छोटी सी उमर…

थारे पिपलिए री भोली रे चिड़कली

थे चाहो तो उड़ जायो सामैं तो बाबोसा थारे खुटे री गावडलीथे ठोरो जठाण ठुर जाउ सा
हेलो तो भेजो सा मल जी रे घर रीसावण में बुलाय जो ज़रूर

छोटी सी उमर…

था घर जन्मी था घर खेली

अब घर भेजो म्हाने दूजे साआगे बढू तो पग म्हारे पाछे पड़े सा

म्हारो कालजीयो सिर पर गूँजे साकाइ करू म्हाने निभानो पड़े सादुनिया को योही दस्तूरछोटी सी उमर…

संग री सहेलिया आओ आपा गले मिल ल्या

फेर मिलन कद होवे सा

भाई भाभी मावडली सू में बिछड़ के

आँखड़लिया म्हारी भर भर आवे सा

मैं काइ बोलू म्हारा आशुडा तो बोले

हिवडो भरीयो भरपूर

छोटी सी उमर…

Source: Song n
;

Song: Choti Si Umar Mein Parnai

Singer: Banrsi Babu


आपकी आभारी विमला विल्सन

लिखने मे ग़लती हो तो क्षमायाचना 🙏🙏

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

6 Comments Add yours

  1. Madhusudan says:

    Bahut badhiya likha aapne…..sangit ke saath…..baal vivaah abhishaap.

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    1. सराहने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद

      Liked by 1 person

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