लफ्ज # 55,56,57

1. जिन्दगी कभी सुहानी बन जाती है ,

कभी दर्दानी बन जाती है ,

कभी रूहानी बन जाती है ,

अंत मे कहानी बन जाती है !

2. जिन्दगी प्यार का गीत है , उसे हर दिल को गाना पड़ेगा ,

जिन्दगी गम का सागर भी है ,उसे हँस कर पार भी करना पड़ेगा !

3. नासमझ इंसान ही जिन्दगी मे सचमुच आनंद ही आनंद का अनुभव करता है ,

ज्यादा होशियार तो हमेशा बेवजह उलझनों मे उलझा ही रहता है !


आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

2 Comments Add yours

  1. Madhusudan says:

    Bahut khub likha hai.

    Liked by 1 person

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