जिन्दगी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 309)

जिन्दगी ईश्वर की भेंट है

हँसकर कबूल कीजिए ।

जिन्दगी खुशियॉ का सागर है

उसमें डुबकी लगाइये ।

जिन्दगी एक अहसास हैं

उसको महसूस कीजिए ।

जिन्दगी एक दर्द हैं

अपनो से बाँट लीजिए ।

जिन्दगी एक प्यास हैं

जी भरकर पी लीजिये ।

जिन्दगी प्यार का गीत है

उसे गुनगुना लीजिये ।

जिन्दगी एक मिलन हैं

मुस्करा कर मिल कीजिये ।

जिन्दगी एक जुदाई हैं

उसे सहन कीजिए ।

जिंदगी बेशकीमती जिन्दगी है

भरपूर जी लीजिये ।


आप सबकी जिंदगी मंगलमय हो


आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

2 Comments Add yours

  1. Madhusudan says:

    बहुत खूब लिखा है।
    काबा,काशी,मथुरा जीवन,
    जीवन बृंदावन है,
    कद्र करो हर इंसानों का,
    सबमे बसता रब है,

    Liked by 1 person

    1. बहुत बढ़िया लिखा ….धन्यवाद

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