Quote # 139

इंसान को कही ना कही कर्मों का डर सताता है ,

नही तो गंगा मे डुबकी क्यो डुबकी लगाता है ?

जो कर्म को समझता है उसे धर्म को समझने की जरूरत नही पड़ती ।

पाप शरीर नही करता , विचार करते है ।

गंगा विचारों को नही सिर्फ शरीर को धोती है ।


आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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