Quotes #178,179

दुःख में स्वयं की एक अंगुली आंसू पोंछती है और सुख में दसो अंगुलियाँ ताली बजाती है जब स्वयं का शरीर ही ऐसा करता है तो दुनिया से क्या गिला-शिकवा करना खुद मे खुदा को देखना ध्यान है दूसरो मे खुदा को देखना प्रेम है खुदा को सभी मे देखना ज्ञान है आपकी आभारी विमला…