रिश्तो की मधुरता # जिंदगी की किताब (पन्ना # 355)

शिल्पी और उसकी सास में किसी बात पर जोरदार बहसबाजी हो गई व बढते बढ़ते झगड़े का रूप ले लिया । गुस्से मे बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक साथ न रहने की कसम खा ली ।शिल्पी ने अपने कमरे में जा कर गुस्से से एकदम दरवाजा बंद कर लिया ,वही दूसरी और…

Quote # 192

सबकहरहेहैआज mother day है वोकौनसादिनहैजोमॉकेबिनहै .. जो मस्ती ऑंखो मे है किसी मदिरालय मे नही जो अमीरी दिल की है किसी महालय मे नही जो शीतलता मॉ की गोद मे है वह हिमालय मे नही आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏