Quote # 189,190

रिश्तो की ख़ुशबू वही है जहॉ समर्पण व आस्था हो , एक दूसरे की हर पल कमी महसूस हो जुदाई की वेदना और मिलन का अहसास हो फिर चाहे वह प्रेम हो या प्रभु भक्ति हो संबंध बिखरने के तो लाख बहाने आओ जुड़ने के हम अवसर ढूंढे जरूरी नही हर कोई मिलकर खुश हो…