Quote # 210

बेशक एक नारी इज्जत की हक़दार है क्योंकि वह एक घर को छोड़कर दूसरे घर मे आती हैं लेकिन पुरूष भी उतनी ही इज्जत के क़ाबिल हैं क्योंकि वह भी एक अंजान स्त्री को खुद के साथ घर भी सौंप देता हैं । आपकी आभारी विमलाविल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 picture taken from google

एक ऐसा डाईवॉर्स जिसके होने के बाद दिमाग ने नही दिल ने गवाही दी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 361)

आज कुछ काम से court मे जाना हुआ , वक़ील साहब के आने मे टाईम था । पास मे बैठे एक व्यक्ति ने बात करते समय बताया कि वह अपनी तलाक की पहली पेशी के लिये यहॉ आया है । तलाक का कारण सुनकर मैने कहा कि आप जैसा ही क़िस्सा मेरे अज़ीज़ दोस्त के…