जिंदगी की किताब (पन्ना # 363)

🔸ज़िन्दगी की भागदौड़ में उम्र कैसे बीत गई पता ही नही चला यारों 🔸उंगली पकड़ कर चढ़ने वाले बच्चे कंधे तक कब आ गए पता ही नहीं चला 🔸साइकिल के पैडल ,स्कूटर की किक मारते मारते कैसे कारों में सैर करने लगे पता ही नहीं चला 🔸कभी हम थे माँ बाप की जिम्मेदारी, आज हम…

Quote # 216

दुल्हन ही दहेज हैं बोलना कहॉ सच है ? जब हक़ीक़त मे किसी गरीब की बेटी की डोली तब ही उठी जब किसी ने पगड़ी तो किसी ने सम्मान किसी ने जमीन तो किसी ने मकान ,कुछ न कुछ गिरवी रखा आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 picture taken from google

Quote # 214

जैसे बूँद बूँद करके घड़ा भरता है वैसे ही सकारात्मक या नकारात्मक सोच की बूँदे भी हमारे मस्तिष्क मे भरकर जिन्दगी को सरस या नीरस कर देती है यदि हम ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक बात करे व सुने तो निश्चित ही जिन्दगी मे अच्छा परिवर्तन होगा । आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote # 211,212

दिल उसी से लगाओ जिसने दिल बनाया है दिल पर झुर्रियाँ ना आने दीजिये चेहरे की झुर्रियाँ से बच जाओगे picture taken from google आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

एक ऐसा डाईवॉर्स जिसके होने के बाद दिमाग ने नही दिल ने गवाही दी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 361)

आज कुछ काम से court मे जाना हुआ , वक़ील साहब के आने मे टाईम था । पास मे बैठे एक व्यक्ति ने बात करते समय बताया कि वह अपनी तलाक की पहली पेशी के लिये यहॉ आया है । तलाक का कारण सुनकर मैने कहा कि आप जैसा ही क़िस्सा मेरे अज़ीज़ दोस्त के…

मृत्युभोज के नाम एक संदेश # जिंदगी की किताब (पन्ना # 360)

🔸जिस घर मे पुत्र शोक पर क्रंदन कर रहे मॉ पिता वहॉ भोजन का निवाला तुम्हे कैसे भाता होगा ? 🔸जिस घर मे सूनी मॉग लिये रोती बिलखती विधवा युवती वहॉ बडे चाव से पंगत खाते हुये तुम्हे ज़रा भी पीड़ा नही होती ? 🔸जिस घर मे रक्षा सूत्र लिये बहना अपने भाई की याद…

मन का आईना # जिंदगी की किताब (पन्ना # 361)

मन का आईना ….. एक नगर में राजा था जिसके पास अपार सम्पति,सोना चॉदी और हीरे जवाहरात थे । दिल का बहुत अच्छा था ।हमेशा लोगो की भलाई के लिये सोचता रहता था ।कोई भी उसके द्वार से खाली हाथ नही लोटता था ।साथ में वह नयी नयी चीजो को बनवाने का शौकीन था ।लेकिन…

नारी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 357)

देख नारी की हालत ,छलनी हो जाता है सीना , पैसा ,पद के दम पर,नारी की आबरू को छीना पैसो के जो लालची , सौदेबाज़ी करते ना थकते जैसे लडकी तो गुडिया है , खाने की पुडिया है बनते फिरते दु:शासन ,आज चीर सब हरते मॉ का मान भूल गये , अय्याशी मे डूब गये…

Quotes #194,195,196

ये मत पूछो कि ज़िन्दगी ख़ुशी कब देती है क्योकि शिकायते तो उन्हें भी है जिन्हें ज़िन्दगी सब देती है मानो तो मौज हैं नही तो समस्या तो रोज हैं हमे इन दो पर ज्यादा नाज करना चाहिये पहले वो जो हमारा पेट भरते है – जय किसान दूसरे वो जो हमारे देश की रक्षा…

बुढ़ापे मे हाथ पाव जवाब देने लगे # जिंदगी की किताब (पन्ना # 356)

👌👌👌🙏🙏🙏👍👍👍 👌👌जब बुढ़ापे मे हाथ पाव जवाब देने लगते है उस समय बहू घर की कैसे भी साज संभाल करे वो महत्वपूर्ण नही रह जाता बल्कि बेटी की तरह उनकी सेवा करे , ध्यान रखे वो महत्वपूर्ण हो जाता है । फिर क्यो ना हम शुरू से ही बहू को बहू ना मानकर एक बेटी…

Quotes # 187,188

सबसे कठिन काम है, सबको खुश रखना सबसे आसान काम है, सबसे खुश रहना पैसा यदि किसी गरीब के ऑसू पोंछने मे काम लगता है तो वह वरदान है और ऑसू गिराने का काम लगता है तो वह अभिशाप है आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

रिश्तो की मधुरता # जिंदगी की किताब (पन्ना # 355)

शिल्पी और उसकी सास में किसी बात पर जोरदार बहसबाजी हो गई व बढते बढ़ते झगड़े का रूप ले लिया । गुस्से मे बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक साथ न रहने की कसम खा ली ।शिल्पी ने अपने कमरे में जा कर गुस्से से एकदम दरवाजा बंद कर लिया ,वही दूसरी और…