आओ कुछ ऐसा करे # जिंदगी की किताब (पन्ना # 363)

प्रेरक कथा आओ कुछ ऐसा करे …. रामू मिल का चौकीदार था ,उसकी ये खासियत थी कि वह मिल मे काम करने वाले हर व्यक्ति को कभी भी आते जाते समय good morning या good night या सलाम , नमस्ते जरूर करता ,चाहे वह आदमी कोई भी पद पर हो । उसका ऐसा heartily बोलना…

बुढ़ापे मे हाथ पाव जवाब देने लगे # जिंदगी की किताब (पन्ना # 356)

👌👌👌🙏🙏🙏👍👍👍 👌👌जब बुढ़ापे मे हाथ पाव जवाब देने लगते है उस समय बहू घर की कैसे भी साज संभाल करे वो महत्वपूर्ण नही रह जाता बल्कि बेटी की तरह उनकी सेवा करे , ध्यान रखे वो महत्वपूर्ण हो जाता है । फिर क्यो ना हम शुरू से ही बहू को बहू ना मानकर एक बेटी…

Quote # 189,190

रिश्तो की ख़ुशबू वही है जहॉ समर्पण व आस्था हो , एक दूसरे की हर पल कमी महसूस हो जुदाई की वेदना और मिलन का अहसास हो फिर चाहे वह प्रेम हो या प्रभु भक्ति हो संबंध बिखरने के तो लाख बहाने आओ जुड़ने के हम अवसर ढूंढे जरूरी नही हर कोई मिलकर खुश हो…

बेलून वाला # जिंदगी की किताब (पन्ना # 336)

बेलून वाला …. आज रविवार का दिन था । मीनू अपने बच्चों को लेकर पास के मेले गई । वहॉ पर काफी रौनक़ ही रौनक़ थी । तरह तरह की दुकानें आकर्षक सामान से सजी थी । बच्चे झूले का आनंद ले रहे थे । वही एक कोने में एक छोटा सा बच्चा जिसका नाम…

Quotes # 163,164

रात को सोते समय ये प्रार्थना ज़रूर करे हे भगवन जिन्दगी भर मैंने अपने लिये मॉगा है आज मै परमार्थ के लिये तुझसे मॉगता हूँ ,चाहे मेरी प्रार्थना तुझ तक पहुँचे या ना पहुँचे 1. बचपन मे किसी भी बच्चे की मॉ ना छिन जाये 2. युवा उम्र मे किसी भी स्री का अपने पति…

खुशियॉ का क्यूँ करे इंतज़ार ,रखे हमेशा बरकरार # जिंदगी की किताब (पन्ना # 324)

खुशियॉ का क्यूँ करे इंतज़ार ,रखे हमेशा बरकरार… एक आदमी हर समय यह सोचकर बहुत परेशान रहता था कि उसकी जिन्दगी मे कोई खुशी क्यों नही आती । एक दिन वह उदास होकर भगवान से बातें करने लगा कि हे प्रभु मुझे बताओ मेरी जिन्दगी मे खुशियॉ क्यों नही है ? मैंने ऐसा क्या गुनाह…

Quotes # 74

maa baapu ne ek dard bhara khat likha ab to gaav aaya kar , ghar va yaha ki sadake pakkee ho gayi hai माँ बापू ने एक दर्द भरा खत लिखा अब तो गाँव आया कर , घर व यहॉ की सड़के पक्की हो गई है । आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 picture…

Quote # 49

साधना अगर श्राप को वरदान बना देती है तो भावना पत्थर को भी भगवान बना देती है मगर स्वार्थ प्रतिष्ठा की खानों मे बहते रहने पर इच्छाओं की डाह इंसान को शैतान बना देती है आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏