जिंदगी की किताब (पन्ना # 363)

🔸ज़िन्दगी की भागदौड़ में उम्र कैसे बीत गई पता ही नही चला यारों 🔸उंगली पकड़ कर चढ़ने वाले बच्चे कंधे तक कब आ गए पता ही नहीं चला 🔸साइकिल के पैडल ,स्कूटर की किक मारते मारते कैसे कारों में सैर करने लगे पता ही नहीं चला 🔸कभी हम थे माँ बाप की जिम्मेदारी, आज हम…

Quote # 218

कितना प्यारा बचपन था खुशियॉ का ख़ज़ाना था ख़्वाहिशें चॉद पाने की होती थी पर दिल तितलियों का दीवाना था आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 picture taken from google

Black n white का जमाना # जिंदगी की किताब (पन्ना # 359)

बडे बुज़ुर्ग की जुबानी गुजरे जमाने की कहानी आज भी रूह को छू जाती है 🔘Black n white जमाने मे शर्म से ही चेहरा गुलाबी हो जाता था Parlour गये बिना ही चेहरा चमकाहट से भर जाता था जाने क्यो अब parlour जाकर भी वैसा चेहरा चमकाना मुश्किल हो जाता है 🔘Black n white जमाने…

Quote # 145

सुकून के मामले मे वो ज़माना कितना सस्ता था जब होंठों पर मुस्कान और कंधों पर बस्ता होता था । आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏