जिंदगी की किताब (पन्ना # 363)

🔸ज़िन्दगी की भागदौड़ में उम्र कैसे बीत गई पता ही नही चला यारों 🔸उंगली पकड़ कर चढ़ने वाले बच्चे कंधे तक कब आ गए पता ही नहीं चला 🔸साइकिल के पैडल ,स्कूटर की किक मारते मारते कैसे कारों में सैर करने लगे पता ही नहीं चला 🔸कभी हम थे माँ बाप की जिम्मेदारी, आज हम…

Quote # 206

रिश्ते अंकुरित होते हैं प्रेम से जिंदा रहते हैं संवाद से महसूस होते हैं संवेदनाओं से जिये जाते हैं दिल से मुरझा जाते हैं गलतफहमियों से बिखर जाते हैं अंहकार से और मर जाते हैं शीत युद्ध से आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote # 203

क्यो ना हम ऐसा दान करे बची हुई रोटी को खाखरा बनाने की बजाय किसी गरीब को खिला दे पुराने कपड़ों से बर्तन या कोई और वस्तु लेने की बजाय किसी गरीब को पहना दे आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote # 189,190

रिश्तो की ख़ुशबू वही है जहॉ समर्पण व आस्था हो , एक दूसरे की हर पल कमी महसूस हो जुदाई की वेदना और मिलन का अहसास हो फिर चाहे वह प्रेम हो या प्रभु भक्ति हो संबंध बिखरने के तो लाख बहाने आओ जुड़ने के हम अवसर ढूंढे जरूरी नही हर कोई मिलकर खुश हो…

Quote # 182

स्री प्यार की मूरत है पुरूष संघर्ष की सूरत है कैसे कहूँ महान किसी को दोनो को एक दूसरे की जरूरत है जो आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quotes # 160,161,162)

बारिश मे छाते जैसी है शीतलता मे चॉदनी जैसी है चले तो हवा जैसी है वो मॉ ही है जो धूप मे भी छॉव जैसी है आजकल के रिश्तो से तो अच्छी मोबाइल की battery है जो कम से कम ख़त्म होने से पहले warning को देती है रिश्तो मे ना रखा करो हिसाब नफ़े…

यूज एंड थ्रो # जिंदगी की किताब (पन्ना # 337)

विदेशों मे यूज एंड थ्रो का ज़माना है । जो अब भारत पर भी हावी हो रहा है । भोजन करना है तो डिजपोजल प्लेट,चम्मच,बॉल्स,गिलास व हाथ पोंछना है तो टिशू पेपर का उपयोग कर लो । हालाँकि भारत मे आज भी एक वस्तु का कितना उपयोग किया जाता है कि यदि बड़े भाई की…

पैसा हाय पैसा # जिंदगी की किताब (पन्ना # 333)

पैसा हाय पैसा …… आज हर व्यक्ति को सुख चाहिये , सुख चाहना ग़लत नही है पर पैसो से ही उसे सारा सुख मिल जायेगा ,ये जरूरी नही है …… अमेरिका मे एक बड़ा अरबपति बिजनेसमेन जिसका नाम एड्रेस कार्नेगी था , जब वह मरणासन्न की स्थिति मे था तो उसने अपने सेक्रेटरी को बुलाया…

Quote # 110

har mahinay ek upwas kare , vah bhojan ka nahi krodh ka kare jo saral va accha bhi hai . chahey to aaj se hi kar sakate hai . हर महीने एक उपवास करे , वह भोजन का नही क्रोध का करे जो सरल व अच्छा भी है । चाहे तो आज से ही कर…

Quote # 108

आज हमारा परिवार बहुत खुशहाल है क्योंकि हमने अपनी सोच को बदली है एक पराई बेटी ने हमे अपनाने के लिये अपना घर छोड़ा है , हमने नही इसलिये उसे अपने घर की अपेक्षाओ के अनुरूप समझाने से पहले उसकी भावनाओं को समझने की कोशिश की जितना प्यार , अपनापन, विश्वास ,उचित स्वतंत्रता अपने लिये…

अन्तराय कर्म – जिंदगी की किताब (पन्ना # 330)

अंतराय ( विघ्न या रुकावट ) कर्म ….. यदि आप कर्म के सिद्धांत व पूर्व जन्म के कर्मों का भुगतान मे विश्वास करते है तो आपको समझ आ जायेगा कि अंतराय कर्म क्या है । रोज़मर्रा की जिन्दगी मे हमे कभी आभास नही हो पाता है कि हम कोई अंतराय कर्म का भी बंध कर…

गृहिणी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 327)

क्या हुआ गृहिणी अगर शिक्षक नही, पर घर की हर समस्याओ का समाधान कर जाती है । क्या हुआ गृहिणी अगर डॉक्टर नही , पर घर मे छोटे मोटे मर्ज की दवा तो कर जाती है । क्या हुआ गृहिणी अगर एम.बी.ए. नही , पर कुशलता से घर और बाहर का मैनेजमेंट संभाल जाती है…